अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ? (What is Prime Number in hindi ?)

 नमस्कार दोस्तों Vishwa Sewa में आपका स्वागत है। आज हम जानेंगे की अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ? (abhajya sankhya kise kahate hain ?) विद्यार्थियों के मन में आज भी अभाज्य संख्या (Prime number) से रिलेटेड कई सारे अनसुलझे रहस्य है जिसे सुलझाने का प्रयत्न कोई नहीं करता। तो इसलिए आज हम इन रहस्यों जैसे- what is prime number in hindi ?, abhajya sankhya kya hota hai , क्या 1 एक अभाज्य संख्या है ?, अभाज्य संख्या 1 से 100 तक,  प्रथम पाँच अभाज्य संख्या को सुलझाने का प्रयत्न करेंगे। 


यदि परीक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो prime number kya hota hai बहुत ही महत्वपूर्ण है। भल अभाज्य संख्या से कम मार्क्स के सवाल पूछे जाते है। लेकिन वो ही कम मार्क्स आपको सफ़ल बनाने में काफी सहायक हो सकता है इसलिए इसे ignore बिलकुल मत करे और इस आर्टिकल को पूरा पढ़े। और पढ़ने के बाद भी यदि कोई सवाल रह जाता है तो उसे comment box में अवश्य पूछे। 

Abhajya sankhya kise kahate hain?, What is Prime Number in hindi
अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ?

इस आर्टिकल में आप सीखेंगे-

  • अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ? परिभाषा 
  • अभाज्य संख्या का उदाहरण 
  • सबसे छोटी अभाज्य संख्या क्या है ?
  • प्रथम पाँच अभाज्य संख्या 
  • abhajya sankhya 1 to 100 
  • रूढ़ संख्या किसे कहते हैं ?
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ?


अभाज्य संख्या की परिभाषा (Prime number definition in hindi) :- वैसी संख्याएँ जो 1 और स्वयं के आलावा अन्य किसी संख्या से पूरी-पूरी विभाजित नहीं होती है, उन संख्याओं को अभाज्य संख्या (Prime Number) कहते है। 

अथवा 

वैसी संख्याएँ जिसके केवल दो ही गुणनखंड (factor) हो उसे अभाज्य संख्या कहते है। 
जैसे - 5 = 1 और 5 ये दो संख्या ही 5 से पूरी तरह से विभाजित हो जाते है। अतः 5 एक अभाज्य संख्या है। 

इसे भी पढ़े-

उदाहरण  


अभाज्य संख्या का उदाहरण (Prime number example):- 2,5, 7, 11, 13, 17, 23 आदि सभी संख्याएँ अभाज्य संख्या की उदाहरण है। 

सबसे छोटी अभाज्य संख्या 


मैंने अक्सर कई विद्यार्थियों को यह गलती करते देखा है। वो संख्या 1 को भी ही सबसे छोटी अभाज्य संख्या मान बैठते है। लेकिन वास्तव में वे गलत है। आपको बता दू की 1 / एक (ONE) एक ऐसी संख्या है जो न ही भाज्य है और न ही अभाज्य है। क्योंकि 1 के गुणनखंड दो से कम है। 

सबसे छोटी अभाज्य संख्या 2 है। जिसे पूरे विश्वस्तर पर स्वीकार किया गया है। इसलिए आप सबसे छोटी अभाज्य संख्या को याद रखें। 

ध्यान दे:- 2 सबसे छोटी अभाज्य संख्या होने के अलावा एक ऐसी ही संख्या है जो सम भी है और अभाज्य भी है। 

प्रथम पाँच अभाज्य संख्या 


भाज्य संख्याओं के मुकाबले अभाज्य संख्या काफ़ी कम है। जिसको आगे इसी आर्टिकल में विस्तार से जानेंगे। प्रथम 5 अभाज्य संख्या की सूची निचे दी गई है-

2, 3, 5, 7, 11 

उपरोक्त संख्या pratham 5 abhajya sankhya है। आप  इन संख्याओं को औसत भी बड़ी आसानी से निकाल सकते है। इन 5 संख्याओं को जोड़कर आप उन्हें 5 से भाग दे। प्राप्त हल प्रथम 5 अभाज्य संख्याओं का औसत निकल जायेगा। 

अभाज्य संख्या 1 to 100 


जैसा की मैंने शुरू में ही कहा था की भाज्य संख्या के मुकाबले अभाज्य संख्या काफी कम है। bhajya sankhya 1 to 100 के बीच 74 संख्याएँ है जबकि abhajya sankhya 1 to 100 के मध्य केवल 25 संख्याएँ ही है। भाज्य संख्या 1 से 100 तक की लिस्ट नीचे दी गई है-

2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97 

आप अभाज्य संख्या 1 to 100 की list का photo भी प्राप्त कर सकते है। 

abhajya sankhya 1 to 100
अभाज्य संख्या 1 से 100 तक 

100 से 200 तक अभाज्य संख्या 


100 से 200 तक की अभाज्य संख्याओं की लिस्ट नीचे दी गई है -

101, 103, 107, 109, 113, 127, 131, 137, 139, 149, 151, 157, 163, 167, 173, 179, 181, 191, 193, 197, 199

आप 100 से 200 तक अभाज्य संख्या की list का फोटो भी प्राप्त कर सकते है। 

100 se 200 tak abhajya sankhya
100 से 200 तक अभाज्य संख्या 

1 से 500 तक अभाज्य संख्या 


1 से 500 तक की अभाज्य संख्याओं की लिस्ट निचे दी गई है-

2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97, 101, 103, 107, 109, 113, 127, 131, 137, 139, 149, 151, 157, 163, 167, 173, 179, 181, 191, 193, 197, 199, 211, 223, 227, 229, 233, 239, 241, 251, 257, 263, 269, 271, 277, 281, 283, 293, 307, 311, 313, 317, 331, 337, 347, 349, 353, 359, 367, 373, 379, 383, 389, 397, 401, 409, 419, 421, 431, 433, 439, 443, 449, 457, 461, 463, 467, 479, 487, 491, 499

आप 1 से 500 तक अभाज्य संख्या की list का फोटो भी प्राप्त कर सकते है। 

1 se 500 tak abhajya sankhya
1 से 500 तक अभाज्य संख्या 

रूढ़ संख्या किसे कहते हैं ?


अभाज्य संख्या को रूढ़ संख्या और English में Prime Number के नाम से भी जाना जाता है। अतः अभाज्य संख्याओं को ही रूढ़ संख्या कहा जाता है। 
जैसे- 2, 3, 5, 7, 11 आदि संख्याएँ रूढ़ संख्याएँ  की उदाहरण है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 


1. 2 भाज्य है या अभाज्य। 
उत्तर: 2 एक अभाज्य संख्या एक क्योंकि 2 के दो ही गुणनखंड 1 और 2 है।  

2. सबसे छोटी अभाज्य संख्या कौन सी है ?
उत्तर: सबसे छोटी अभाज्य संख्या 2 है। 

3. क्या अभाज्य संख्याएँ ऋणात्मक हो सकती है ?
उत्तर: नहीं, सभी भाज्य और अभाज्य संख्या एक धनात्मक पूर्णांक (Positive Intiger) होती है। इसलिए अभाज्य संख्याएँ ऋणात्मक (Negative) नहीं हो सकती है। 
 
ध्यान दे:- सभी भाज्य और अभाज्य संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ होती है। और प्राकृत संख्या कभी ऋणात्मक नहीं होती है।  

4. 173 के बाद की अगली अभाज्य संख्या कौन सी है ?
उत्तर: 179, 173 के बाद की अगली अभाज्य संख्या है। 

5. सबसे छोटी विषम अभाज्य संख्या कौनसी है ?
उत्तर: 3 सबसे छोटी विषम अभाज्य संख्या है। 

6. 37 भाज्य है या अभाज्य संख्या है ?
उत्तर: 37 एक अभाज्य संख्या है। 
 
7. 1 से 10 के बीच कितनी विषम अभाज्य संख्या है?
उत्तर: 2, 3, 5, 7 ये चार संख्याएँ 1 से 10 के बीच विषम अभाज्य संख्याएँ है। 

8. 1 से 100 के बीच कितनी अभाज्य संख्या है ?
उत्तर: 1 से 100 के बीच कुल 25 अभाज्य संख्याएँ है। 

9. अभाज्य संख्या को कैसे पहचाने ?
उत्तर: अभाज्य संख्याओं को पहचानने के लिए उस संख्या को किसी अन्य संख्या से विभाजित करके देखना होगा। यदि वह संख्या केवल दो संख्यााओं से ही  विभाजित होती है तो वह एक अभाज्य संख्या होगी। 

10. 1 अभाज्य संख्या के कितने गुणनखंड होते है ?
उत्तर: केवल एक होता है। 

इसे भी पढ़े-
NOTE:- मुझे यह पूरी उम्मीद है की आपको अभाज्य संख्या क्या है ?, अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ? अच्छी तरह समझ आ गया होगा। यदि यह आर्टिकल आपको ज़रा सा भी हेल्पफुल लगी तो इसे अपने दोस्तों दे साथ जरूर share करें। 

धन्यवाद!

अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ? (What is Prime Number in hindi ?)

नमस्कार दोस्तों Vishwa Sewa में आपका स्वागत है। आज हम जानेंगे की अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ? (abhajya sankhya kise kahate hain ?) विद्यार्थियों के मन में आज भी अभाज्य संख्या (Prime number) से रिलेटेड कई सारे अनसुलझे रहस्य है जिसे सुलझाने का प्रयत्न कोई नहीं करता। तो इसलिए आज हम इन रहस्यों जैसे- what is prime number in hindi ?, abhajya sankhya kya hota hai , क्या 1 एक अभाज्य संख्या है ?, अभाज्य संख्या 1 से 100 तक,  प्रथम पाँच अभाज्य संख्या को सुलझाने का प्रयत्न करेंगे। 

यदि परीक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो prime number kya hota hai बहुत ही महत्वपूर्ण है। भल अभाज्य संख्या से कम मार्क्स के सवाल पूछे जाते है। लेकिन वो ही कम मार्क्स आपको सफ़ल बनाने में काफी सहायक हो सकता है इसलिए इसे ignore बिलकुल मत करे और इस आर्टिकल को पूरा पढ़े। और पढ़ने के बाद भी यदि कोई सवाल रह जाता है तो उसे comment box में अवश्य पूछे। 

Abhajya sankhya kise kahate hain?, What is Prime Number in hindi
अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ?

इस आर्टिकल में आप सीखेंगे-

  • अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ? परिभाषा 
  • अभाज्य संख्या का उदाहरण 
  • सबसे छोटी अभाज्य संख्या क्या है ?
  • प्रथम पाँच अभाज्य संख्या 
  • abhajya sankhya 1 to 100 
  • रूढ़ संख्या किसे कहते हैं ?
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ?


अभाज्य संख्या की परिभाषा (Prime number definition in hindi) :- वैसी संख्याएँ जो 1 और स्वयं के आलावा अन्य किसी संख्या से पूरी-पूरी विभाजित नहीं होती है, उन संख्याओं को अभाज्य संख्या (Prime Number) कहते है। 

अथवा 

वैसी संख्याएँ जिसके केवल दो ही गुणनखंड (factor) हो उसे अभाज्य संख्या कहते है। 
जैसे - 5 = 1 और 5 ये दो संख्या ही 5 से पूरी तरह से विभाजित हो जाते है। अतः 5 एक अभाज्य संख्या है। 

इसे भी पढ़े-

उदाहरण  


अभाज्य संख्या का उदाहरण (Prime number example):- 2,5, 7, 11, 13, 17, 23 आदि सभी संख्याएँ अभाज्य संख्या की उदाहरण है। 

सबसे छोटी अभाज्य संख्या 


मैंने अक्सर कई विद्यार्थियों को यह गलती करते देखा है। वो संख्या 1 को भी ही सबसे छोटी अभाज्य संख्या मान बैठते है। लेकिन वास्तव में वे गलत है। आपको बता दू की 1 / एक (ONE) एक ऐसी संख्या है जो न ही भाज्य है और न ही अभाज्य है। क्योंकि 1 के गुणनखंड दो से कम है। 

सबसे छोटी अभाज्य संख्या 2 है। जिसे पूरे विश्वस्तर पर स्वीकार किया गया है। इसलिए आप सबसे छोटी अभाज्य संख्या को याद रखें। 

ध्यान दे:- 2 सबसे छोटी अभाज्य संख्या होने के अलावा एक ऐसी ही संख्या है जो सम भी है और अभाज्य भी है। 

प्रथम पाँच अभाज्य संख्या 


भाज्य संख्याओं के मुकाबले अभाज्य संख्या काफ़ी कम है। जिसको आगे इसी आर्टिकल में विस्तार से जानेंगे। प्रथम 5 अभाज्य संख्या की सूची निचे दी गई है-

2, 3, 5, 7, 11 

उपरोक्त संख्या pratham 5 abhajya sankhya है। आप  इन संख्याओं को औसत भी बड़ी आसानी से निकाल सकते है। इन 5 संख्याओं को जोड़कर आप उन्हें 5 से भाग दे। प्राप्त हल प्रथम 5 अभाज्य संख्याओं का औसत निकल जायेगा। 

अभाज्य संख्या 1 to 100 


जैसा की मैंने शुरू में ही कहा था की भाज्य संख्या के मुकाबले अभाज्य संख्या काफी कम है। bhajya sankhya 1 to 100 के बीच 74 संख्याएँ है जबकि abhajya sankhya 1 to 100 के मध्य केवल 25 संख्याएँ ही है। भाज्य संख्या 1 से 100 तक की लिस्ट नीचे दी गई है-

2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97 

आप अभाज्य संख्या 1 to 100 की list का photo भी प्राप्त कर सकते है। 

abhajya sankhya 1 to 100
अभाज्य संख्या 1 से 100 तक 

100 से 200 तक अभाज्य संख्या 


100 से 200 तक की अभाज्य संख्याओं की लिस्ट नीचे दी गई है -

101, 103, 107, 109, 113, 127, 131, 137, 139, 149, 151, 157, 163, 167, 173, 179, 181, 191, 193, 197, 199

आप 100 से 200 तक अभाज्य संख्या की list का फोटो भी प्राप्त कर सकते है। 

100 se 200 tak abhajya sankhya
100 से 200 तक अभाज्य संख्या 

1 से 500 तक अभाज्य संख्या 


1 से 500 तक की अभाज्य संख्याओं की लिस्ट निचे दी गई है-

2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97, 101, 103, 107, 109, 113, 127, 131, 137, 139, 149, 151, 157, 163, 167, 173, 179, 181, 191, 193, 197, 199, 211, 223, 227, 229, 233, 239, 241, 251, 257, 263, 269, 271, 277, 281, 283, 293, 307, 311, 313, 317, 331, 337, 347, 349, 353, 359, 367, 373, 379, 383, 389, 397, 401, 409, 419, 421, 431, 433, 439, 443, 449, 457, 461, 463, 467, 479, 487, 491, 499

आप 1 से 500 तक अभाज्य संख्या की list का फोटो भी प्राप्त कर सकते है। 

1 se 500 tak abhajya sankhya
1 से 500 तक अभाज्य संख्या 

रूढ़ संख्या किसे कहते हैं ?


अभाज्य संख्या को रूढ़ संख्या और English में Prime Number के नाम से भी जाना जाता है। अतः अभाज्य संख्याओं को ही रूढ़ संख्या कहा जाता है। 
जैसे- 2, 3, 5, 7, 11 आदि संख्याएँ रूढ़ संख्याएँ  की उदाहरण है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 


1. 2 भाज्य है या अभाज्य। 
उत्तर: 2 एक अभाज्य संख्या एक क्योंकि 2 के दो ही गुणनखंड 1 और 2 है।  

2. सबसे छोटी अभाज्य संख्या कौन सी है ?
उत्तर: सबसे छोटी अभाज्य संख्या 2 है। 

3. क्या अभाज्य संख्याएँ ऋणात्मक हो सकती है ?
उत्तर: नहीं, सभी भाज्य और अभाज्य संख्या एक धनात्मक पूर्णांक (Positive Intiger) होती है। इसलिए अभाज्य संख्याएँ ऋणात्मक (Negative) नहीं हो सकती है। 
 
ध्यान दे:- सभी भाज्य और अभाज्य संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ होती है। और प्राकृत संख्या कभी ऋणात्मक नहीं होती है।  

4. 173 के बाद की अगली अभाज्य संख्या कौन सी है ?
उत्तर: 179, 173 के बाद की अगली अभाज्य संख्या है। 

5. सबसे छोटी विषम अभाज्य संख्या कौनसी है ?
उत्तर: 3 सबसे छोटी विषम अभाज्य संख्या है। 

6. 37 भाज्य है या अभाज्य संख्या है ?
उत्तर: 37 एक अभाज्य संख्या है। 
 
7. 1 से 10 के बीच कितनी विषम अभाज्य संख्या है?
उत्तर: 2, 3, 5, 7 ये चार संख्याएँ 1 से 10 के बीच विषम अभाज्य संख्याएँ है। 

8. 1 से 100 के बीच कितनी अभाज्य संख्या है ?
उत्तर: 1 से 100 के बीच कुल 25 अभाज्य संख्याएँ है। 

9. अभाज्य संख्या को कैसे पहचाने ?
उत्तर: अभाज्य संख्याओं को पहचानने के लिए उस संख्या को किसी अन्य संख्या से विभाजित करके देखना होगा। यदि वह संख्या केवल दो संख्यााओं से ही  विभाजित होती है तो वह एक अभाज्य संख्या होगी। 

10. 1 अभाज्य संख्या के कितने गुणनखंड होते है ?
उत्तर: केवल एक होता है। 

इसे भी पढ़े-
NOTE:- मुझे यह पूरी उम्मीद है की आपको अभाज्य संख्या क्या है ?, अभाज्य संख्या किसे कहते हैं ? अच्छी तरह समझ आ गया होगा। यदि यह आर्टिकल आपको ज़रा सा भी हेल्पफुल लगी तो इसे अपने दोस्तों दे साथ जरूर share करें। 

धन्यवाद!

भाज्य संख्या किसे कहते है ? परिभाषा, उदाहरण तथा प्रकार

नमस्कार दोस्तों Vishwa Sewa में आपका स्वागत है। आज हम जानेंगे की भाज्य संख्या किसे कहते हैं ? (bhajya sankhya kise kahate hain ?), what is composite number in hindi ? तथा भाज्य संख्या (Composite Number) से सम्बंधित अक्सर उठने वाली प्रश्नो के उत्तर को जानेंगे ,  जैसे - bhajya sankhya kya hai ? , भाज्य संख्या की परिभाषा तथा उदाहरण, भाज्य संख्या 1 से 100 तक ( bhajya sankhya 1 to 100)

विद्यार्थियों को भाज्य संख्या में कंफ्यूज होने के कई कारण है। एक तो भाज्य संख्या को कई नामो से जाना जाता है। इसे English में Composite number के नाम से जाना जाता है। और भी इसके कुछ नाम है जिसे इस आर्टिकल में जानेंगे। इसके आलावा भी भाज्य संख्या से related विद्यार्थियों के मन कई सारे अनसुलझे प्रश्न है। जिसको आज हम clear करेंगे। और यदि फिर भी आपके कुछ प्रश्न रह जाते है तो आप उसे comment box में अवश्य पूछे। 

Bhajya sankhya kise kahate hain?, Bhajya sankhya kya hai?
 भाज्य संख्या किसे कहते हैं ?

इस आर्टिकल में आप सीखेंगे-

  • भाज्य संख्या किसे कहते है , परिभाषा (Composite number definition in hindi)
  • भाज्य संख्या के उदाहरण 
  • भाज्य संख्या के प्रकार 
  • भाज्य संख्या 1 से 100 तक | bhajya sankhya 1 to 100 
  • संयुक्त संख्या किसे कहते है ?
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

भाज्य संख्या किसे कहते हैं ?


भाज्य संख्या की परिभाषा (Composite number definition in hindi):- वो सभी धनात्मक पूर्णांक संख्याएँ जो 1 और स्वयं के आलावा किसी अन्य संख्या से भी विभाजित होती है उसे भाज्य संख्या कहते है। 


आप भाज्य संख्या को इस प्रकार से समझ सकते है की वो सभी प्राकृत संख्याएँ जो खुद और एक के सिवाय अन्य किसी संख्या से भी पूरा-पूरा कट (cancel) जाती है उसे हम भाज्य संख्या (composite number) कहते है। 

हो सकता है की अब आपके मन में यह प्रश्न उठ रहा होगा की भाज्य संख्या कैसे पता करे या भाज्य संख्या कैसे ज्ञात करे ? ( how to find composite number ?)
 
तो इसका जबाब बहुत साधारण सा है की कोई संख्या भाज्य है या नहीं इसका पता आप अन्य संख्याओं से उस संख्या को भाग देकर लगा सकते है। यदि वह संख्या दो से अधिक (चाहे  तीन ही क्यों न हो। ) संख्या से भाग लग जाता है तो वह एक भाज्य संख्या है। 

इसे  भी पढ़े -

उदाहरण 


भाज्य संख्या का उदाहरण:- 4, 6, 8, 9, 10, 12, 14, 15, 16, आदि भाज्य संख्या के कुछ उदाहरण है। 

आप इस बात को हमेशा ध्यान रखे कि भाज्य संख्या कभी भी ऋणात्मक (negative) नहीं हो सकती है। तथा सबसे छोटी भाज्य संख्या 4 है। 

भाज्य संख्या के प्रकार 


भाज्य संख्याओं को भी दो भागो में बांटा गया है। और  भाज्य संख्या के बंटवारे के लिए सम और विषम संख्याओं का आधार लिया गया है। तो चलिए भाज्य संख्या के प्रकार को जानते है -
  • सम भाज्य संख्या (Even composite number):-
वैसी संख्याएँ जो सम (2 से पूरी-पूरी विभाजित होने वाली संख्या) और और एक भाज्य संख्या भी है उसे सम भाज्य संख्या कहा जाता है। 
जैसे- 4, 8, 12, 14, 16 आदि संख्याएँ सम भाज्य संख्या के उदाहरण है।
 
विशेष:- सबसे छोटी सम भाज्य संख्या 4 है। 
  • विषम भाज्य संख्या (Odd composite number):-
वैसी संख्याएँ जो विषम तो है ही और वो दो से अधिक संख्या से विभाजित होती है उसे विषम भाज्य संख्या कहा जाता है। 
जैसे- 9, 15, 21, 25, 27 आदि संख्याएँ विषम भाज्य संख्या के उदाहरण है। 

विशेष:- सबसे छोटी विषम भाज्य संख्या 9 है। 

इसे भी पढ़े-

भाज्य संख्या 1 से 100 तक 


एक से सौ तक बीच कुल 74 भाज्य संख्याएँ है। जिसका अध्ययन आप एक बार कर सकते है। bhajya sankhya 1 to 100 की list नीचे दी गई है-

4, 6, 8, 9, 10, 12, 14, 15, 16, 18, 20, 21, 22, 24, 25, 26, 27, 28, 30, 32, 33, 34, 35, 36, 38, 39, 40, 42, 44, 45, 46, 48, 49, 50, 51, 52, 54, 55, 56, 57, 58, 60, 62, 63, 64, 65, 66, 68, 69, 70, 72, 74, 75, 76, 77, 78, 80, 81, 82, 84, 85, 86, 87, 88, 90, 91, 92, 93, 94, 95, 96, 98, 99, 100

आप bhajya sankhya 1 to 100 की list का फोटो भी प्राप्त कर सकते है। 

bhajya sankhya 1 to 100, भाज्य संख्या 1 से 100 तक
भाज्य संख्या 1 से 100 तक 

संयुक्त संख्या किसे कहते है ?


भाज्य संख्या का ही एक दूसरा नाम संयुक्त संख्या (sanyukt sankhya or composite number) है। अतः सभी भाज्य संख्या संयुक्त संख्या ही है।  
जैसे- 4, 6, 8, 9, 10, 12, 14, 15, 16 आदि संयुक्त संख्या की उदाहरण है। 

composite number kya hota hai ?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 


1. क्या शून्य (०) एक भाज्य संख्या है ?
उत्तर: नहीं, क्योंकि शून्य एक ऐसी संख्या ही जिसका कोई भी गुणनखंड नहीं हैं। शून्य न एक भाज्य संख्या है और न अभाज्य।  

2. क्या एक (1) भाज्य संख्या है या अभाज्य ?
उत्तर: नहीं, क्योंकि 1 केवल स्वयं से विभाजित होती है। तथा इसके दो से अधिक गुणनखंड नहीं है। एक न भाज्य संख्या है और न अभाज्य। 

3. प्रथम पांच (5) भाज्य संख्या कौन से हैं ?
उत्तर: 4, 6, 8, 9, 10 ये प्रथम पांच भाज्य संख्याएँ है। 

4. प्रथम पांच (5) अभाज्य संख्या (Prime Number) कौन से है ?
उत्तर: 2, 3, 5, 7, 11 ये पांच प्रथम अभाज्य संख्याएँ है। 

5. क्या 2 एक भाज्य संख्या है ?
उत्तर: नहीं, दो एक अभाज्य संख्या है। क्योंकि इसके केवल दो गुणनखंड है। 

6. क्या 9 एक भाज्य संख्या है ?
उत्तर: हाँ, क्योंकि 9 के दो से अधिक गुणनखंड है। 

7. 17 एक भाज्य संख्या है या अभाज्य ?
उत्तर: 17 एक अभाज्य संख्या है क्योंकि इसके केवल दो गुणनखंड 1 और 17 है। 

8. 19 एक भाज्य संख्या है या अभाज्य ?
उत्तर: 19 के केवल दो गुणनखंड 1 और 19 है इसलिए 19 एक अभाज्य संख्या (Prime Number) है। 

9. सबसे छोटी भाज्य संख्या क्या है ?
उत्तर: चार (4) सबसे छोटी भाज्य संख्या है। 

10. भाज्य संख्या को किन-किन नमो से जाना जाता है ?
उत्तर: भाज्य संख्या को भाज्य संख्या के अलावा संयुक्त संख्या और English में Composite Number के नाम से भी जाना जाता है। 

11. 1 से 10 के कितनी भाज्य संख्याएँ हैं?
उत्तर: 4, 6, 8, 9, 10 आदि संख्याएँ 1 से 10 के बीच की भाज्य संख्याएँ हैं। 

इसे भी पढ़े- 
NOTE:-   मुझे पूरी उम्मीद है की bhajya sankhya kya hai, bhajya sankhya kise kahate hain आपको अच्छी तरह से समझ आ गया होगा। यदि यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य share करे। 

धन्यवाद!

वास्तविक संख्या क्या है ? परिभाषा व उदाहरण सहित (Class 9th & 10th)

नमस्कार दोस्तों, Vishwa Sewa में आपका स्वागत है। आज का हमारा टॉपिक है वास्तविक संख्या (Real Number) आज हम Real number से ही सम्बंधित सभी प्रश्नो को क्लियर करने वाले है। अक्सर हम vastvik sankhya को लेकर उलझे रहते है की वास्तविक संख्या क्या है, what is real number in hindi, वास्तविक संख्या किसे कहते है, वास्तविक संख्या की परिभाषा क्या है, तथा कौन से उदाहरण वास्तविक संख्या के है ?

ये कुछ ऐसे ऐसे प्रश्न है जिसमे class 9th और 10th के विद्यार्थी अक्सर उलझे रहते है। और उलझे रहे भी क्यों न क्योंकि वास्तविक संख्या अध्याय से  9 वीं और 10 वीं कक्षा की परीक्षा में कई प्रश्न पूछे जाते है। तो आज हम उन्ही प्रश्नो का हल करेंगे। तो चलिए जानते है की real  number kya hai ? 

Vastvik sankhya kise kahate hain, vastvik sankhya kya hoti hai
वास्तविक संख्या किसे कहते है ?

इस आर्टिकल में आप सीखेंगे-

  • वास्तविक संख्या की परिभाषा उदाहरण के साथ 
  • वास्तविक संख्या के गुणधर्म 
  • वास्तविक संख्या के प्रकार 
  • अवास्तविक संख्या किसे कहते है ? और उसकी परिभाषा 
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

वास्तविक संख्या की परिभाषा व उदाहरण 


वास्तविक संख्या के बारे में यदि बात करे तो सीधी-साधी भाषा में वास्तविक संख्या उसे कहते है, जिनका उपयोग हम वास्तविक (Real) दुनिया में करते है। आइए वास्तविक संख्या किसे कहते है, अच्छी तरह से समझे। 

वास्तविक संख्या की परिभाषा ( Definition of real number in hindi) :- परिमेय और अपरिमेय संख्याओं के समूह को वास्तविक संख्या कहते है। तथा वास्तविक संख्याओं को R से सूचित किया जाता है। 

अथवा 

पूर्ण, प्राकृत, पूर्णांक, परिमेय तथा अपरिमेय संख्याओं के समूह को वास्तविक संख्या (Real number) कहते है। 

ध्यान दे :- पूर्ण, प्राकृत  तथा पूर्णांक संख्याएँ ये सभी परिमेय संख्या (Rational number) है। 

वास्तविक संख्या का उदाहरण (Example of real number):- 2, √4, 9, √2, √7, -5, pi(22/7), -100 आदि सभी वास्तविक संख्याएँ है। 

वास्तविक संख्या के गुणधर्म 


अन्य संख्याओं के तरह वास्तविक संख्याओं के भी कुछ चार गुणधर्म है, तो चलिए अब उन गुणधर्मो को जान लेते है-

  • संवृत गुणधर्म (Closure Property):- 
जब दो वास्तविक संख्याओं को जोड़ा या गुणा किया जाए तो हमे एक वास्तविक संख्या ही प्राप्त होगी। वास्तविक संख्या के इस गुणधर्म को ही संवृत गुणघर्म कहा जाता है। 
  • क्रमविनिमेय गुणधर्म (Commutative Property):-
दो वास्तविक संख्याओं को किसी भी उलझे क्रम में सजाकर जोड़ने या गुणा करने पर हमे एक समान  वास्तविक संख्या ही प्राप्त होगी। वास्तविक संख्या के इस गुणधर्म को कर्मविनिमेय गुणधर्म कहा जाता है। 
  • साहचर्य गुणधर्म (Associative Property):-
तीन वास्तविक संख्याओं के ग्रुप (समूह) को ही परिवर्तित कर जोड़ने या गुना करने पर भी हल समान ही प्राप्त होता है। परिमेय संख्याओं के इस गुण को साहचर्य गुण कहा जाता है। 
  • वितरण गुणधर्म (Distributive Property):-
यदि वितरण गुण का प्रयोग गुणन पर योग का वितरण विधि या गुणन पर व्यवकलन (घटाव) का वितरण विधि का प्रयोग कर किसी प्रश्न का हल विभिन्न तरीको से किया जाये तो हल समान ही प्राप्त होगा। अतः इस गुण को वास्तविक संख्या का वितरण गुण कहा जाता है। 

वास्तविक संख्या के प्रकार | Types of Real number in hindi 


वास्तविक संख्या पूर्ण, प्राकृत, पूर्णांक, परिमेय और अपरिमेय संख्याओं के मिलने से ही बनी है। अतः ये संख्याएं ही वास्तविक संख्याओं के प्रकार है। तो आइए इन संख्याओं पर एक नज़र डाल लेते है-

  • प्राकृत संख्या (Natural Number):- शून्य को छोड़कर अनंत तक की धनात्मक (+) संख्याओं को प्राकृत संख्या का दर्जा दिया गया है। 
जैसे :- 1, 2, 3, 4, 5 .........
  • पूर्ण संख्या (Whole Number):- जब प्राकृत संख्याओं में शून्य को जोड़ दिया जाता है तो वो संख्याएँ पूर्ण संख्या कहलाती है। 
जैसे :- ०,1,2, 3, 4, 5 .......
और अधिक जानकारी के लिए पढ़े-

  • पूर्णांक संख्या (Interger Number):- धनात्मक, ऋणात्मक तथा शून्य के समूह को पूर्णांक संख्या (Integer Number) कहा जाता है। 
जैसे :- .......-5, -4, -3, -2, -1, ०, 1, 2, 3, 4, 5 .........
और अधिक जानकारी के लिए पढ़े-

  • परिमेय संख्या (Rational Number):- वैसी संख्याएँ जिन्हे अनुपात [अर्ताथ p /q] के रूप में व्यक्त किया जा सकता है उसे परिमेय संख्या कहा जाता है। 
जैसे :- 2, 4/12, -2/8, -2, √9 ....
और अधिक जानकारी के लिए पढ़े-

  • अपरिमेय संख्या (Irrational Number):- जिन संख्याओं को अनुपात के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता है उसे अपरिमेय संख्या कहते है। 
जैसे :- √2, √3, √33, 22/7 (Pi) आदि। 
 और अधिक जानकारी के लिए पढ़े-

अवास्तविक संख्या किसे कहते है ? 


वो सभी संख्याएँ जो वास्तविक नहीं यानि की वैसी संख्याएँ जिनका हम कल्पना करते है, तो वैसी संख्याओं को अवास्तविक संख्या कहते है। अवास्तविक संख्याओं (Avastvik sankhya) को काल्पनिक संख्याओं के नाम से भी जाना जाता है। 

जैसे :- √-1, 3i, 2 + 2i आदि अवास्तविक संख्याओं के उदाहरण है। 

ध्यान दे :- काल्पनिक संख्याओं को 'i' से सूचित किया जाता है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 


1. क्या 0 (शून्य) एक वास्तविक संख्या है ?

उत्तर: हाँ, शून्य एक वास्तविक संख्या है। 

2. क्या वास्तविक संख्या और परिमेय संख्या में कोई अंतर है ?

उत्तर: हाँ, एक अंतर है और वो है की सभी परिमेय संख्याएँ वास्तविक संख्याएँ है। लेकिन सभी वास्तविक संख्याएँ परिमेय संख्याएँ नहीं है। क्योंकि वातविक संख्याओं में परिमेय संख्या भी शामिल है। 

3. वास्तविक संख्याओं को कैसे पहचाने ?

उत्तर: यह बहुत सरल है। बस आपको यह जानना है की जिस संख्या का वर्ग ऋण (जैसे-√-1) या जिस किसी भी संख्या के साथ i लगा हो वो अवास्तविक संख्या है। इसके अलावा सभी वास्तविक संख्या है। 

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Note :- मुझे पूरी उम्मीद है की आपको वास्तविक संख्या किसे कहते है या वास्तविक संख्या क्या है पूरी अच्छी तरह से समझ आ गया होगा। लेकिन यदि अभी भी आपको यदि कोई प्रश्न है तो उसे कमेंट बॉक्स में अवश्य पूछे। तथा इसे अपने दोस्तों के साथ share जरूर करे। 

धन्यवाद!

परिमेय और अपरिमेय संख्या क्या है ? अंतर, परिभाषा तथा उदाहरण

नमस्कार दोस्तों Vishwa Sewa में आपका स्वागत है। आज का हमारा टॉपिक है की 'परिमेय और अपरिमेय संख्या क्या है ?', 'इन दोनों संख्याओं के बीच  अंतर क्या है ?' जैसे कुछ प्रश्नों में हम अक्सर उलझ जाया करते है। क्योंकि ये दोनों है ही थोड़ा complicated पर चिंता की कोई बात नहीं क्योंकि आज इस पेज को पढ़ने के बाद आपके वो सभी confusion दूर हो जायेंगे जो परिमेय (Rational) और अपरिमेय संख्याओं (Irrational numbers)से सम्बंधित है। 

परिमेय और अपरिमेय संख्याओं की कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्म और उदाहरण है जिन्हे हमें याद रखना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वो सभी विषयों से सम्बंधित प्रश्न ही एग्जाम में पूछे जाते है। तो आज हम उन्ही महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे ताकि जब हम परीक्षा में बैठे तो हमसे परिमेय और अपरिमेय संख्याओं से सम्बंधित कोई भी प्रश्न न छूटे। 

Parimey aur Aparimey sankhya kya hai?, Parimey aur Aparimey sankhya kise kahate hain?
परिमेय और अपरिमेय संख्या क्या है ?

इस आर्टिकल में हम सीखेंगे-

  • परिमेय और अपरिमेय संख्या की परिभाषा 
  • परिमेय और अपरिमेय संख्या में अंतर 
  • परिमेय तथा/और  अपरिमेय संख्या का उदाहरण 
  • परिमेय और अपरिमेय संख्या का गुणनफल क्या होता है ?
  • परिमेय और अपरिमेय संख्या का योग क्या होता है ?
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

परिमेय तथा अपरिमेय संख्या की परिभाषा 


परिमेय और अपरिमेय संख्याओं ये दोनों एक ऐसी संख्याएँ है जिनकी परिभाषा में ही इनका अंतर छिपा हुआ है। तो चलिए परिभाषा को जानते है इसके पश्चात आपको 'परिमेय और अपरिमेय संख्यों में अंतर' का पता लग जायेगा। 


परिमेय संख्या:-


वैसी पूर्णांक संख्याएँ जिन्हे अनुपात के रूप में व्यक्त किया जा सकता हो तथा जिनका हर शून्य न हो उसे परिमेय संख्या कहा जाता है। परिमेय संख्याओं के अंश और हर को आमतौर पर [p /q] के रूप में व्यक्त किया जाता है। जहाँ q शून्य नहीं होता है। 

परिमेय संख्या को विस्तार से जाने -

अपरिमेय संख्या:-


वैसी पूर्णांक संख्या जिन्हे अनुपात के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। वे सभी संख्याएँ अपरिमेय संख्याओं की श्रेणी में आती है। 

अपरिमेय संख्या को विस्तार से जाने -

Note:- जिन व्यंजकों का प्रयोग परिमेय और अपरिमेय संख्याओं को परिभाषित करने में किया गया है। इन व्यंजको के अलावा किसी अन्य का भी उपयोग आप कर सकते हो। बस इसका उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि ये विश्वस्तर पर प्रचलित है। 

अब आपको 'परिमेय और अपरिमेय संख्याओं में अंतर' का ज्ञात हो गया होगा। बस अपने मस्तिष्क में इतना रखे की परिमेय संख्याओं को [p /q] के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। लेकिन अपरिमेय संख्याओं को नहीं। 


परिमेय और अपरिमेय संख्याओं का उदाहरण 


परिमेय संख्या का उदाहरण :-


4, 2/3, 0.001, 2/10 जैसे और भी बहुत सारे संख्याओं को अनुपात के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। 

अपरिमेय संख्या का उदाहरण :-


√2, √3, पाई, गोल्डेन संख्या, यूलर संख्या आदि अपरिमेय संख्याओं की श्रेणी का एक महत्वपूर्ण भाग है। 

परिमेय और अपरिमेय संख्याओं का गुणनफल क्या होता है ?


यदि एक परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या को गुना किया जाए तो हमे एक अपरिमेय संख्या ही प्राप्त होगी। 

जैसे-   5 * 2√3 = 10√3 [ यह एक अपरिमेय संख्या का उदाहरण है। ]
          3√2 * 4 =  12√2 [ एक एक अपरिमेय संख्या का उदहारण है। ]

इन उदाहरणों से यह पूर्णतः स्पष्ट हो जाता है की परिमेय और अपरिमेय संख्याओं का उत्पाद/ गुणनफल एक अपरिमेय संख्या ही होती है। 

परिमेय और अपरिमेय संख्याओं का योग क्या होता है ?


जब दो संख्याओं जिनमे से एक परिमेय और एक अपरिमेय संख्या है को जोड़ा जाता है तो हमे एक अपरिमेय संख्या ही प्राप्त होती है। 

जैसे -  2 + 3√3 = 2+3√3 [यह एक अपरिमेय संख्या है।]
          4√2 + 2√2 = 6√2 [यह एक अपरिमेय संख्या का उदाहरण है।]

आप ऊपर दिए गए उदाहरणों को देखकर यह अंदाजा लगा सकते है की परिमेय और अपरिमेय संख्या को जोड़ने पर एक अपरिमेय संख्या ही प्राप्त होती है। 


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न -


1. अपरिमेय संख्याओं के प्रसिद्ध (famous) उदाहरण कौन से है ?

उत्तर: अपरिमेय संख्याओं में सबसे प्रसिद्द उदाहरण पाई है। 

2. अपरिमेय संख्याओं के कुछ उदाहरण लिखे। 

उत्तरा: π = 3.1415926........ ( पाई/Pi )
          e = 2.7182818........  ( यूलर संख्या )
          Φ =  1.61803398.......  ( गोल्डेन अनुपात )

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आशा करता हूँ आपको 'परिमेय और अपरिमेय संख्या क्या है ?' , 'परिमेय और अपरिमेय संख्या किसे कहते है ?' पूरी अच्छी तरह से समझ आ गया होगा। और यदि आपको ऐसा लगता है की यह आर्टिकल हेल्पफुल है तो इसे अपने दोस्तों में share अवश्य करे ताकि वे भी  परिमेय और अपरिमेय संख्याओं को सरल और साधारण भाषा में समझ सके।   

धन्यवाद!