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Durga Shakti Nagpal: Age, Education, Career, Biography in hindi

IAS Durga Shakti Nagpal: Age, Education, Family, Husband, Career, Height, Biography in hindi


दुर्गा शक्ति नागपाल जो की एक आईएएस अफसर है। और एक ऐसी महिलाअफ़सर है जो अपने कामो को ईमानदारी और देश के प्रति श्रेष्ट्र और उच्च विचार से करती है। और इसी गुण के बल पर आज से कुछ विगत वर्षो पूर्व वह राज्य की तत्कालीन सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
 

Durga Shakti Nagpal: Age, Education, Career, Biography
IAS Durga Shakti Nagpal ©upscpathshala.com 



इस आर्टिकल में आप जानेंगे- 

  • आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल का परिचय 
  • दुर्गा शक्ति नागपाल आईएएस  की शिक्षा 
  • दुर्गा शक्ति नागपाल आईएएस की शारारिक उपस्थिति 
  • दुर्गा शक्ति नागपाल की उम्र 
  • दुर्गा शक्ति नागपाल के पति और बच्चे 
  • दुर्गा शक्ति नागपाल का करियर 
  • दुर्गा शक्ति नागपाल के सोशल प्रोफाइल्स 

दुर्गा शक्ति नागपाल का परिचय | Introduction 


दुर्गा शक्ति नागपाल का जन्म उत्तरप्रदेश के आगरा में 25 जून 1985 को हुआ था। उनके पिता भी एक सरकारी अधिकारी रह चुके है तथा उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 

संक्षिप्त परिचय 

  • पूरा नाम (Full name)- दुर्गा शक्ति नागपाल 
  • जन्म स्थान (Birthplace)- आगरा में 
  • जन्म तिथि (Date of Birth)- 25 जून 1985 
  • पिता का नाम (Father's name)- ज्ञात नहीं पर वह एक सरकारी अधिकारी है 
  • माता का नाम (Mother's name)- ज्ञात नहीं 

दुर्गा शक्ति नागपाल  की शिक्षा | Education 


दुर्गा शक्ति ने कंप्यूटर साइंस में बी.टेक इंदिरा गाँधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से किया हुआ है। उन्होंने अपने बी.टेक के दौरान ही यूपीएससी की परीक्षा की तयारी शुरू कर दी थी। हलाकि उन्हें फर्स्ट अटेम्ट में आईएएस की पोस्टिंग नहीं मिलने के कारन उन्होंने सेकंड अटेम्ट देने का मन बनाया।  

दूसरी बार में उन्हें सफलता हाथ लगी और वह यूपीएससी 2010 में टॉप 20 का स्थान हाशिल किया। 

दुर्गा शक्ति नागपाल की शारारिक उपस्थिति | Physical Appearance 


  • रंग (Face color)- गोरा 
  • बाल (Hair) - काले और घुंघराले 
  • आँख (Eye)- काला 
  • कद (Height)- ~ 5'4"

दुर्गा शक्ति नागपाल के पति | Husband 


दुर्गा शक्ति नागपाल के पति का नाम 'अभिषेक सिंह' और वह भी एक आईएएस अधिकारी और साथ-साथ एक एक्टर भी है। उनका एक बच्चा भी है। (जिसके बारे में ज्यादा जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं है)


Durga Shakti Nagpal: Age, Education, Career, Biography
IAS Abhishek Singh ©filmfare.com 



दुर्गा शक्ति नागपाल की उम्र | Age 


दुर्गा शक्ति नागपाल आईएएस की उम्र 35 वर्ष (2021 के अनुसार) है। 

दुर्गा शक्ति नागपाल का करियर | Career 


दुर्गा शक्ति का शुरुआती करियर बड़ा संघर्षो भरा है। आईएएस की ट्रेनिंग के बाद दुर्गा शक्ति नागपाल को पंजाब में अप्पोइंट किया गया। वह उन्होंने कई भूमि-माफियाओं का पोल खोला और धंधा बंद करवा दिया। 

लेकिन 'अभिषेक सिंह' से शादी हो जाने के कारन उन्होंने अपना तबादला उत्तरप्रदेश में करवा लिया। यह घटना 2013 की है जब दुर्गा शक्ति नागपाल ने बालू माफियाओ को रंगे हाथो पकड़कर उनका बालू के माफिया का काम बंद करवा दिया। तभी उत्तरप्रदेश के तत्कालीन राज्य सरकार को झटका लगा और दुर्गा शक्ति नागपाल पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें निलंबित कर दिया। 

पर दुर्गा के पक्ष में कई बड़े अधिकारी, दूसरे राज्य सरकार और यहाँ तक की सामान्य जनता भी उनके पक्ष में आयी। आखिरकार अंत में राज्य सरकार दबाववस दुर्गा शक्ति नागपाल का सस्पेंशन लेना पड़ा। और यह कहावत सच हो गई की 'झूठ के पाँव नहीं होते' .

दुर्गा शक्ति नागपाल की सोशल प्रोफाइल्स | Social Profiles 



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अभिषेक सिंह जिनकी जन्मभूमि उत्तरप्रदेश है और कर्मभूमि हमारा महान देश भारत है। अभिषेक सिंह जो की पेसे से तो एक IAS अफ़सर है। लेकिन इसके अतरिक्त वह एक सफ़ल एक्टर भी है जो की कुछेक वीडियो सांग और शार्ट फिल्म में अभिनय कर चुके है। 


IAS Abhishek Singh: Age, Education, Wife, Biography
IAS Abhishek Singh ©youandi.com


इस आर्टिकल में आप जानेंगे-

  • आईएएस अभिषेक सिंह का परिचय 
  • अभिषेक सिंह आईएएस की शिक्षा की शिक्षा 
  • आईएएस अभिषेक सिंह की उम्र 
  • अभिषेक सिंह आईएएस की पत्नी 
  • अभिषेक सिंह का करियर 
  • अभिषेक सिंह के सोशल प्रोफाइल्स 

आईएएस अभिषेक सिंह का परिचय | IAS Abhishek Singh's Introduction 


अभिषेक सिंह का जन्म उत्तरप्रदेश में हुआ था। उनके जन्म तिथि अभी फ़िलहाल ज्ञात नहीं है। उनके पिता जो की एक पुलिस के अधिकारी है। 

संक्षिप्त परिचय 

  • पूरा नाम (Full name)- अभिषेक सिंह 
  • निक नाम (Nick name)- अभिषेक 
  • जन्म स्थान (Birthplace)- उत्तरप्रदेश 
  • जन्म तिथि (Date of Birth)- ज्ञात नहीं 
  • पिता का नाम (Father's name)- ज्ञात नहीं पर वह भी एक पुलिस अधिकारी है
  • माता का नाम (Mother's name)- ज्ञात नहीं 

अभिषेक सिंह की शिक्षा | Education 


आईएएस अभिषेक सिंह के बारे में इंटरनेट पर कम जानकारी उपलब्ध होने के कारन यह बताना असंभव है की उनकी एजुकेशन क्वालिफिकेशन क्या है ? हां पर वह ग्रेजुएट (स्नातक) है। और यूपीएससी 2011 बेच के कैंडिडेट है। 

अभिषेक सिंह की उम्र | Age 


  • उम्र (Age)- ज्ञात नहीं 

NOTE:- अनुपलब्ध जानकारी उपलब्ध हो जाने के बाद इस आर्टिकल को अपडेट कर दिया जायेगा।  

अभिषेक सिंह की पत्नी | Wife

 

IAS Abhishek Singh: Age, Education, Wife, Biography
Durga Shakti Nagpal ©dnaindia.com


अभिषेक सिंह की पत्नी का नाम 'दुर्गा शक्ति नागपाल' है और वह भी एक आईएएस अफसर है। वह यूपीएससी 2010 की कैंडिडेट है। 

अभिषेक सिंह का करियर | Career 

अभिषेक सिंह की आईएएस बनने की कहानी बिलकुल उस फिल्म के हीरो की तरह ही है जो प्यार में देखा मिलने के बाद यूपीएससी  की तैयारी में जी-जान से जुट जाता है और एड़ी-चोटी की मेहनत करने के बाद आईएएस बन जाता है। 

अभिषेक को भी किसी से प्यार में देखा मिलने के बाद उनके सर पर आईएएस बनने का जूनून सवार हुआ। तथा वह मेहनत कर एक आईएएस बन भी गए। हलाकि उनके पिता एक पुलिस अधिकारी भी थे जिसकी वजह से उन्होंने बचपन से ठान रखा था की देश के लिए ही कुछ करना है। और उन्होंने अपना यह सपना एक आईएएस बनकर साकार किया। 

अभिषेक सिंह का एक्टिंग करीयर | Acting career 


अभिषेक बताते है की 'उन्हें बचपन से ही एक्टिंग में कोई रूचि नहीं थी और उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था की वह एक कलाकार का अभिनय करेंगे' पर यह बात शायद निति ही जानती थी। 

उन्होंने पहली बार नेटफ़्लिक्स के किसी शो में आईएएस के एक्टिंग से रिलेटेड कुछ पंक्तियों को पढ़ा था। पहले तो उन्होंने यह करने से साफ़ इंकार कर दिया पर पर उनके दोस्त तथा एक कास्टिंग डायरेक्टर 'मुकेश छाबरा' के कहने पर उन्होंने यह रोल को प्ले किया। 

इसके बाद से ही उनका एक्टिंग करियर का शुभारम्भ हुआ और उसके बाद अभिषेक ने एक शार्ट फिल्म 'चार-पंद्रह' में देबाशीष किरदार का अभिनय किया। जिसमे वह बिलकुल फीट बैठे। और यूट्यूब पर भी लोगो ने देबाशीष को सराहा। 

इसके बाद अभिषेक ने कुछ वीडियो सांग में एक्टर का रोल प्ले किया-
  • दिल तोड़ के - बी.प्राक का गाया हुआ एक हीट सैड सांग जिसमे एक्टर का रोल अभिषेक सिंह ने ही किया है। 
  • तुझे भूलना - जुबिन नौटिया की सांग जिसे अभी हाल ही में यूट्यूब पर रिलीज़ किया  गया था और अभी तक लगभग इसे 50 लाख से ज्यादा बार देखा जा चूका है।  

अभिषेक सिंह का सोशल मीडिया प्रोफाइल्स 


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Bhindi ki unnat खेती कब, कैसे करे तथा इससे सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी

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भिंडी उन फसलों में गिनी जाती है जिसके उत्पादन में अन्य फसलों के अलावा थोड़ा कम मेहनत लगता है। परन्तु ऐसा भी नहीं कहा जा सकता है की यह बिना मेहनत के ही आसानी से उगाई जा सकती है। 

ज्यादातर किसान 'भिंडी की फसल' को लगाना पसंद करते है। और इससे उन्हें अच्छी लाभ भी मिलती है लाभ मिलने के मुख्यतः दो कारन है एक उनके पास 'भिंडी की खेती कैसे करे' की अच्छी जानकारी है और दूसरी उनके पास एक एक्सपीरियंस है जो उन्हें इस फसल से पैसा बनाने में मदद करता है। 


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भिंडी की खेती कैसे करे ?



पर यदि आप नए है और 'भिंडी की खेती' करना चाहते है या आपको भिंडी के खेती के बारे कुछ जानकारिया इकट्ठी करनी है जिसके मदद से आप इस फसल से अपने लाभ को दो गुना कर पाए तो आप बिलकुल ही सही जगह पर आए है हम विस्तार से चर्चा करेंगे की -


भिंडी की खेती कैसे करे 


भिंडी की खेती करना कोई टफ काम नहीं है पर भिंडी के फसल को उगाने के लिए बारीक़ से बारीक़ बातो का ध्यान रखना अत्यंत अनिवार्य है। इसके लिए आपको उत्तम बीज के चुनाव के साथ-साथ उसकी बुआई से लेकर फसल के उत्पादन तक कुछ निम्नलिखित बातो को ध्यान में रखना होगा। 

हाइब्रिड (संकर)  भिंडी के बीज का  चयन करे 


जब भी कोई व्यक्ति अपने लिए एक घर बनाता है तो वह सबसे पहले यह सोचता है की यह घर मुझे आँधी-पानी, भूकंप से मुझे बचा सके। इसके लिए वह घर का नीव (foundation) मजबूत बनाता है। इसलिए जब आप बीज का चयन करे तो अच्छे प्रजाति/किस्म के बीज का चयन करे ताकि वह आने वाले समय में आपको अच्छी आमदनी दे सके। 

अच्छे बीज का चयन करने से लाभ -
  • समय पर अंकुरण और पौधे का विकाश तीव्र गति से 
  • जब पौधे तैयार हो जायेंगे तो आपको इससे अन्य general किस्म के बीजो से उत्पादन दो-गुना मिलेगा। 
  • इसके फल आकर्षक होंगे जो ग्राहक को एक ही नज़र में पसंद आ जायेंगे। 
  • छोटे पौधे में फल का विकास होना शुरू हो  जाता है। 
  • यदि आप अच्छे बीजो का चुनाव करते हो तो बाद में आप इससे स्वयं एक अच्छी क्वालिटी की बीज तैयार कर सकते हो। इस विधि को मैंने खुद कइयों बार अपनाया है। बीज तैयार करने से मुझे दो लाभ मिल जाते है एक तो इसे मैं अपने अगले फसल तैयार करने के उपयोग में लाता हूँ और दूसरा अन्य किसानो को अपनी घर की बनाई हुई बीज भी बेचता हु। जिससे केवल मुझे नहीं बल्कि दूसरे किसानो को अच्छी-खांसी लाभ हो जाती है। 

हाइब्रिड (संकर) किस्म के बीज 

  • राधिका 
  • चिरंजीवी f1 
  • ताईशिता की भिंडी 
  • कनक f1 
ऊपर जितने भी हाइब्रिड किस्म के भिंडी के नाम दिए है। उसमे से पुरे भारत में राधिका एक प्रसिद्ध भिंडी है जो किसी भी जगह में मिल जाएगी पर अन्य किस्म  हो सकता है की आपको हर जगह न मिले। इसके जगह पर आपको दूसरे हाइब्रिड किस्म के बीज मिल जायेंगे। 

भिंडी के बुआई का सही समय 


भारत में भिंडी की खेती मुख्यतः दो मौसम में  की जाती है एक गर्मियों में और दूसरी बरसात में दोनों यदि मौसम के शुरुआत होने से पहले आप सही समय पर इसे लगा देते हो तो इससे आपको अच्छा लाभ मिलने की संभावना होती है। 

जाड़े के मौसम के समाप्त होने के बाद यानि की फरवरी महीने के अंतिम दिनों से भिंडी की बुआई शुरू हो जाती है जो मार्च, अप्रैल, और मई तक होती है। और इन महीनो में जिस भिंडी की बुआई होती है उन्हें गर्मियों वाली भिंडी कहा जाता है। 

जून, जुलाई में भिंडी की बुआई की जाती है और इस भिंडी को बरसाती भिंडी भी कहा जाता है यह भिंडी  ज्यादातर उन्ही जगहों पर या वो ही किसान लगाते है जहाँ पानी की कमी होती है। 

NOTE:- हाइब्रिड भिंडी 45 से 60 दिनों (डेढ़ से दो महीनो) में फल का उत्पादन शुरू कर देते है। 

भिंडी के फसल के लिए खेत की तयारी 


यदि आप खेती करने में जरा सा भी interested है तो आपको तो यह अवश्य पता होगा की बीजारोपण से पहले खेत की जुताई करना आवश्यक होता है ताकि मिटटी भुरभुरी हो जाये। 

पर जब आप  खेत की जुताई करते हो तो जुताई से पहले खेत में सड़ी हुई गोबर (एक साल पुरानी) की खाद का छिड़काव कर देना ताकि जुताई के साथ-साथ गोबर भी खेत में आसानी से मिल जाये। 

खेत की जुताई के बाद इन  बातो का रखे ध्यान-
  • भूमि को समतल कर ले 
  • समतल करने के तुरंत बाद कियारी का निर्माण न करे 
  • मृदा में नमि का ध्यान रखे
  • भिंडी की फसल के लिए गोबर के अलावा कोई अन्य खाद की आवश्यकता नहीं है। 
  • लेकिन यदि आप फिर भी खाद देना चाहते है तो खेत की जुताई होने से पहले ही 'डीएपी' का छिड़काव कर सकते है। 

बीजारोपण करने का सही तरीका 


  • नमि वाली मृदा में बिना भिगोई हुई बीज को लगा सकते है। 
  • बीज को खेत में अपनी कानी ऊँगली के आधे (2-3 cm) के अंदर गाड़ सकते है। 
  • एक जगह 2-3 बीजो को लगाए। 
  • दो थालो के बिच की दुरी कम से कम 3 फीट रखे। 
  • दो कियारी के बिच भी आप 3-4 फीट की  दुरी रखे। 
  • कियारी का निर्माण पौधों के विकास के बाद करे तो अच्छा होगा इससे पहले भी कर सकते है। 
NOTE :- दो थालो व कियारी के बिच की  दुरी आप अपने अनुसार तय कर सकते है। बस इस बात का ध्यान रखे की पौधे के विकास में, सिचांई में और  फल की तुड़ाई में कोई परेशानी न हो। 

भिंडी के फसल में लगने वाले रोग और उसके उपचार 


जब भिंडी के खेत में कोई रोग लगती है तो या तो पौधे/ फल का विकास रुक जाता है या कोई किट फ़सल को सही से पनपने नहीं देता है। 
  1. जब भिंडी के पौधे में कोई किट इत्यादि लग जाते है तो वह खांसकर पौधे पर उत्पन्न हुए पत्ते या तो कली को चट्ट कर देते है। तो ऐसे में सुपरकिलर 25%, लीथल 505, रोगोहित, रोगहर, जैसे कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है। भिंडी और बैगन के पत्तो पर ज्यादातर लाहि नामक किट ज्यादातर पाए जाते है। 
  2. जब भिंडी का पौधा छोटा ही होता है या बड़ा हो जाने के बाद भी उसमे फल नहीं लगते है और पौधों का विकाश रुक जाता है तो इस परिस्थिति से निजात पाने के लिए ईसाबियन, धानुवींट, धनजाइम गोल्ड  आदि विटामिन्स का छिड़काव किया जाता है। 

NOTE:- ऊपर जितने भी विटामिन्स और कीटनाशक के नाम बताये गए है ऐसा नहीं की आप केवल इन्ही केमिकल्स को ले मार्केट में और ऐसे कई सारे प्रोडक्ट्स मौजूद है जो कारगर साबित है। 


भिंडी के पौधों को गमलों में लगाने का सही तरीका 


भिंडी की खेती करने के अधिक से अधिक भूमि की आवश्यकता होती है ताकि पौधे का विकाश सही तरीके से हो सके और लाभ भी उतना हो सके जितना होना चाहिए। परन्तु वो लोगो का क्या शहरी क्षेत्रो में रहते है। 

जिनके पास मिट्टी आदि का कोई साधन नहीं है जहा वो पौधों को लगा सके। तो इसका भी एक साधारण हल है। यदि आप गमले में ही भिंडी लगाना चाहते है तो इन स्टेप्स को बारीकी और सावधानीपूर्वक फॉलो कीजिए -

  • कोई भी गमला ले पर गमला बड़े साइज़ का होना चाहिए यदि गमला नहीं भी है तो उसके जगह पर आप बड़ी बाल्टी या टब का इस्तेमाल कर सकते है। 
  • अपने आस-पास से मिटटी की जुगाड़ करे 
  • मिटटी को सड़ी हुई गोबर के साथ अच्छी तरह से मिलाये ताकि मिटटी में पौष्टिक तत्वों की पूर्ति हो सके आप उसमे कम मात्रा में यूरिया खाद का भी इस्तेमाल कर सकते है। 
  • गमले या बाल्टी में निचे छेद करे और उस छेद के ऊपर कुछ ऐसा चीज रखे ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाये पर मिटटी नहीं निकलनी चाहिए। 
  • भिंडी के 2-3 हाइब्रिड बीज को गमले में लगाए। 
  • इस आर्टिकल में बताये हुए स्टेप्स को फॉलो करे। 
क्या आप जानना चाहते है की -

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न -


1. क्या भिंडी के फसल के साथ-साथ कोई अन्य फ़सल को लगा सकते है ?


उत्तर: हा अवश्य, जब आप बीजारोपण करते है तब कियारी में  खीरे, झिँगनी जैसे लत वाले पौधों को लगा सकते है पर बीजारोपण करने से पहले कियारी का निर्माण कर ले। 


2. क्या वास्तव में हाइब्रिड बीजो का निर्माण घर में किया जा सकता है ?


उत्तर: इसका भी उत्तर भी हाँ है। जब आप एक बार प्रैक्टिकल कर लीजियेगा तो पूर्ण रूप से विश्वास हो जाएगा। 


Karele ki kheti कैसे, कब करें पूरी जानकारी

Karele ki kheti कैसे, कब करें पूरी जानकारी 


Karele ki kheti
भारत के अधिकतर राज्यों में की जाती है कारन यह है की करेले का भाव मंडी में बारहों महीना अच्छा रहता है और जो किसान इस फसल से एक सीजन में लाभ ले लेता है वह फिर से दोबारा यही चाहता है अगले बार यही फसल लगाए तथा इसके अलावा और भी कई सारे कारन है जिसके बारे में आगे चर्चा करेंगे। 

Karele ki kheti कैसे, कब करें पूरी जानकारी
Karele ki kheti kaise kare 


करेले की खेती से लाभ तभी होगा जब इस फसल के उत्पादनकर्ता को फसल के बारे में बारीकी से बारीकी जानकारी हो अन्यथा वह इसका लाभ उठाने में असमर्थ होगा। तो आज हम विशेषकर यही जानेंगे की 'करेले की उन्नत खेती कैसे करे' और आपके मन  में उठ रही इन शंकाओं को दूर करेंगे-
  • करेले की खेती कैसे करें ? / करेले की अगेती खेती के बारे में पूरी जानकारी 
  • करेले की उन्नत खेती कब (किस मौसम) में करे ? / करेले लगाने का सही समय (बरसात या गर्मी) कौन -सा है ?
  • करेले की हाइब्रिड (संकर) बीज़ के प्रकार कौन-कौन से है ? / करेले की विभिन्न variety 
  • करेले को गमले में कैसे लगाए ? 
  • Karele ki kheti में होने वाले रोग तथा उनका बचाव 
  • karele ki kheti से सम्बंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

हाइब्रिड (संकर) बीज़ का चयन तथा उनकी variety 


किसी भी फसल को लगाने के लिए सही यानि की अच्छे बीज़ का चयन करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि बीज़ अच्छा होगा तभी वृक्ष भी अच्छा होगा और उसके फल सुखदायी होंगे। इसलिए बीज का चयन बड़े ही सोच समझकर करे। 

जब आप karele ki kheti करने की  सोचते हो तो सबसे पहले यह तय करना जरुरी है की आख़िरकार किस बीज़ की बुआई करना जरुरी है। कुछ लोग जो है वो घर में बीज बनाते है और उस बीज़ का उपयोग वह अगले वर्ष करते है। लेकिन इसमें तोडा risk हो जाता है की पता नहीं बीज़  सही हो या नहीं।

इसलिए मैं आपको यही सलाह दूंगा की आप अपने पास के बीज़-भंडार से बीज ख़रीदे और बीज शंकर (हाइब्रिड) प्रजाति का होना चाहिए क्योंकि जब आप अपने खेत में इस बीज की बुआई करोगे तो इसके आपको मुख्य फायदा यह होगा की इससे फल यानि की करेले का उत्पादन अधिक मात्रा में होगा जो सोने पर सुहागा के सामान होगा। 

कुछ हाइब्रिड (संकर) करेले की किस्मे-

  • पाली F1 
  • अनुष्का F1 
  • चक्र F1 
  • USM का करेला 
  • ताईसीता का करेला 

यह सब बीज क्षेत्र के आधार पर ज्यादा प्रशिद्ध होता है हो सकता है आप क्षेत्र में कोई और हाइब्रिड (संकर) बीज़ प्रसिद्द हो। 


करेला लगाने का सही मौसम(समय)


Karela ki kheti भारत के भिन्न-भिन्न राज्यों में अलग-अलग समय में होती है। कारण है वातावरण और दूसरी सबसे बड़ी समस्या है पानी क्योंकि करेले की खेती को सबसे अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है यदि पानी देने में जरा भी देर की जाती है तो उसे सूखने में समय नहीं लगता है। 

भारत में जाड़े खत्म होते ही फरवरी से करेले के लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और करेला की बुआई  फरवरी, मार्च, अप्रैल, जून, जुलाई, अगस्त, और कही-कही सितम्बर में भी की जाती है। 

NOTE:- जिस करेले की बुआई फरवरी या मार्च में होती है तो वह ठीक गर्मी में जाकर होता है इसलिए इसे गर्मी वाला करेला या करेला की अगैती खेती  भी बोली जाती है।  और जो करेला मई या जून के आस-पास बोई जाती है तो वह बरसात में जाकर फल देता  है और आम भाषा में इसे बरसाती करेला भी बोला जाता है। बरसाती करेला भारत के ज्यादातर पहाड़ी और सूखे राज्यों में होती है। 

खेत की तयारी 


जैसे हर फसल की बुवाई करने से पहले खेत की जुताई करना अत्यंत आवश्यक है ताकि मिटटी भुरभुरी हो जाये और बीज के अंकुरण में कोई परेशानी न हो और पौधे की विकाश तीव्र गति से बिना किसी रुकावट के हो सके। 

खेत की जुताई करने से पहले खेत में सड़ा हुआ गोबर (1 साल पुराना) डाल दे और उसे छिड़क दे। उसके बाद खेत की जुताई करे इससे यह लाभ होता है की खेत की जुताई के समय गोबर भी खेत में अच्छे तरीके से मिल जाता है और मिटटी भी भुरभुरी हो जाती है। इस बात का अवश्य ध्यान दे की जब आप बीजारोपण करे तो खेत में अच्छी-खासी नमी होनी चाहिए। 

करेले की बीज को लगाने का सही तरीका 


करेले की बीज़ अन्य बीजो के मुकाबले बहुत ही अलग होती है इसलिए इस बीज की बुवाई करने से पहले थोड़ा ध्यान दिया जाता है। करेले के बीज़ के ऊपर थोड़ी मोटि परत चढ़ी होती है जिसे हटने में समय लगता है। 

करेले की बीजो को खेतो में लगाने से पहले लगभग 36 घंटे (डेढ़ दिन तक)पानी में भिगो कर रखे ताकि इसके बीजो को अंकुरण होने में परेशानी ना हो। करेले के बीज को लगाने की मुख्यतः दो विधि है-
  1. बीजो को डायरेक्ट खेत में लगभग दो सेंटीमीटर निचे यानि की सबसे छोटी वाली ऊँगली के आधे या उससे भी कम गहराई में बीज को बो दे। तब आपकी यह बीज एक सप्ताह के अंदर ही अंकुरित हो जाएगी। और पौधे का रूप धारण कर लेगी। 
  2. फुले हुए बीजो को निचे दी गई छोटी वाली पन्नी में बो दे।  पन्नी में बीजो को लगाने से पहले पन्नी में अच्छी गोबर वाली मिटटी को डाल दे और उसके बाद उसमे बीज लगाकर पन्नी के निचे किसी नुकीले चीज से तीन-चार जगहों पर छेद कर दे ताकि पानी के रुकने से बीज सड़े नहीं। इस पन्नी में भी करेला का पौधा एक सप्ताह के अंदर तैयार हो जायेगा। जब पौधा तैयार हो जाये तो फिर उसे कियारी में ट्रांसप्लांट कर दे। 

इन बातो पर विशेष ध्यान दे -


  • जब आप खेत में किसी भी  बीज की बुआई करते है तो खेत में नमी होना अति आवश्यक है। अन्यथा सूखे मृदा में बीज अंकुरित होकर सुख जायेगा। 
  • इन बीजो को कियारी बनाकर लगाए जिससे आपको सिचाई करने में, खरपतवार (घास इत्यादि) और सबसे महत्वपूर्ण बात फल तोड़ने में आसानी हो। कियारी आप बीजो को लगाने से पहले भी बना सकते है और बीजो को लगाने के बाद भी। दो कियारी के बिच की दुरी 5-7 फीट रख सकते है। 
  • एक जगह में 2-3 बीजो को लगाए और दो थालो के बिच की दुरी 2 से 3 फीट या अपने अनुसार रख सकते है बस इस बात का ध्यान दे की करेले के पौधे को विकसित होने में कोई परेशानी ना हो।
  • यदि आप चाहते है की करेले का उत्पादन अच्छा और ज्यादा मात्रा में हो तो आपको इसके लिए मचान(कही-कही इसे छत भी बोला जाता है विशेषकर यह प्लास्टिक वाले रस्सी और बास से बनाया जाता है।) बनने की आवश्यकता होगी। इस मचान के जरिये करेला का पौधा अपना लत बड़ा बनाता है और जितना लम्बा लत होगा होगा करेले का पैदावार भी उतना ही अधिक होगा। मचान बनाने पर थोड़ा खर्च ज्यादा पड़ जाता है इसलिए आप मचान के स्थान पर पेड़ों के सूखे टहनियों को पौधे के नजदीक गाड़ सकते है। और इससे भी करेले की पैदावार उतनी ही होगी जितनी की मचान या छत बनाने से। 
NOTE:- अब मार्केट में ऐसे कई सारे निर्मित नेट आ गए है जिसका उपयोग करना बहुत ही आसान हो गया है।  उसमे केवल आपको बास गाड़ने होंगे और उसके साथ ही साथ उसमे वो निर्मित नेट को बांध देना होगा जो मचान या छत का काम करेंगे। 
  • करेला को पानी की अत्यंत आवश्यकता होती है इसलिए इसमें पानी एकदम सही समय पर दे आमतौर पर करेले के फसल में हर 3 दिनों  में पानी दी जाती है। 

करेले को गमले में लगाने से पहले रखे इन बातो का ध्यान-


करेला एक ऐसा पौधा है जिसे कही भी यानि की बड़े जगह या छोटे जगह में भी लगाया जा सकता है बस करेला को अनुकूलित वातारण मिलना चाहिए। जो लोग गांव में रहते है या जिनके पास बड़ी भूमि है वो तो करेले की खेती आसानी से कर सकते है पर जो सघन शहरी इलाको में रहते है वो भी बड़ी आसानी से करेले को अपने घर में ऊगा सकते है। 

यदि आप भी चाहते है की करेले को घर में ही उगाये तो इन स्टेप्स को फॉलो करे-
  1. एक छोटा या बड़ा गमला ले गमले के अलावा आप कोई बाल्टी या कोई बड़ी चीज भी ले सकते है जिसमे मिटटी को स्टोर कर आसानी से रखा जा सके। इस बात का ख़ास ध्यान दे की गमले में छेद हो क्योंकि यह बीज को सड़ने और फंगस लगने से बचता है। 
  2. मिटटी में सड़ी हुई गोबर को अच्छे तरीके से मिलाये और उन दोनों के मिश्रण को गमले डाल दे। मिश्रण को डालने से पहले गमले में छेद के जगह पर कुछ ऐसी चीज़ रखे ताकि मिटटी बाहर न जाये पर पानी आसानी से बहार चली जाये। 
  3. फुले हुए करेले के बीज को मिटटी में दबा दे और हलकी पानी की छिड़काव कर दे।
  4. लगभग एक सप्ताह में करेले के पौधे का विकाश आपको दिखने लगेगा। 

करेले में लगने वाले रोग और उससे बचाव 

करेला एक ऐसा पौधा है जिसे आप सुकवार बोले  तो कोई दोस नहीं। इसलिए करेले को बहुत ही ध्यान से सेना पड़ता है। जब आप करेले को लगते है तो उसमे मुख्यतः दो प्रकार के दोष उत्पन्न होते है जिसके बारे में हम शीघ्र ही चर्चा करेंगे-
  1. जब करेला का बीजारोपण होता है तो करेले के  पौधे के वृद्धि के समय समस्या आती है या जब पौधे का विकाश हो जाता है तो फल बनने में समस्या आती है इसलिए ऐसी परिस्थिति से निज़ात पाने के लिए पौधे पर इसाबियन, धनजाइम गोल्ड, धानुविट जैसे विटामिन्स का छिड़काव होता है। 
  2. पौधे का विकास होने के बाद या विकास के समय पौधे पर कीड़े लग सकते है जो पौधे की आगे की वृद्धि के लिए बहुत ही हानिकारक है। इसलिए इन कीड़ो को ख़तम करने के लिए सुपरकिलर 25 %, जहर, लीथल 505, रोगोहित, रोगहर जैसे कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है। 
NOTE:- उपरोक्त जितने भी विटामिन्स और कीटनाशको के नाम बताये गए है। इनके अलावा भी और कई सारे insectisides और vitamins मार्केट में उपलब्ध है जिनके उपयोग से आप करेले में किसी भी रोग से बचाव कर सकते है। 

क्या आप जानना चाहते है की-

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न  (FAQ)


1. क्या करेले की खेती से वास्तव में लाभ होती है ? 


 उत्तर: सब्जियों में एक करेला ही एक ऐसी सब्जी है जिसकी कीमत हर समय आसमान छूती है। यदि पुरे भारत में देखे तो करेले का भाव लगभग 40 रु प्रति किलोग्राम होता है आप इससे ही अनुमान लगा सकते है की यदि प्रतिदिन आप 1 कीविंटल करेले का उत्पादन कर रहे है तो आपको कितना मुनाफा होगा।

2. करेले का बीज मार्केट में इतना महंगा क्यों है ?


उत्तर: जो भी कंपनी करेले के बीज का उत्पादन करती तो उसे करेले के बीज का बहुत ही बारीकी से सेवन करना पड़ता है और तब जाकर इसका बीज उत्पन्न होता है। यह स्थिति केवल करेले के साथ नहीं है बल्कि हर संकर बीज की कमर ज्यादा है। 

Payel Sarkar: Age, Education, Husband, Family, Biography in hindi

Payel Sarkar: Age, Education, Husband, Family, Career, Biography in hindi

पायल सरकार टॉलीवूड की एक फेमस एक्ट्रेस है जो कई हिंदी और बंगाली फिल्मों तथा वेब सीरीज़ में दिखाई दे चुकी है। उन्होंने 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन किया और चुनाव लड़ रही है। 

Payel Sarkar: Age, Education, Husband, Family, Biography
Payel Sarkar ©filmymantra.com 


इस आर्टिकल में आप जानेंगे-

  • पायल  सरकार का परिचय 
  • पायल सरकार की शिक्षा 
  • पायल सरकार की उम्र 
  • पायल सरकार के हस्बैंड/ पति 
  • पायल सरकार का परिवार 
  • पायल सरकार का करियर 
  • पायल सरकार राजनितिक में 
  • पायल सरकार को मिले अवार्ड्स 
  • पायल सरकार की सोशल प्रोफाइल्स 

पायल सरकार का परिचय | Payel Sarkar's Introduction 

 
पायल सरकार का जन्म कोलकाता में 10 फरवरी 1984 को हुआ।  उनके पिता का नाम 'अशोक कुमार सरकार' है व उनकी  माता का नाम 'कोनिका सरकार' है। पायल की एक बहन भी है जिनका नाम 'सोहेल सरकार' है। 

संक्षिप्त परिचय 

  • पूरा नाम (Full name)- पायल सरकार 
  • संक्षिप्त नाम (Nick name)- पिहू 
  • जन्म तिथि (Date of Birth)- 10 फरवरी 1984 
  • जन्म स्थान (Birthplace)- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 
  • पिता का नाम (Father's name)- अशोक कुमार सरकार 
  • माता का नाम (Mother's name)- कोनिका सरकार 
  • बहन (Sister's name)- सोहेल सरकार 

पायल  सरकार की शिक्षा | Payel Sarkar' Education 


पायल सरकार ने अपने हाई  स्कूल की पढाई 'प्रात्त मेमोरियल हाई स्कूल' (कोलकाता) से पूरी की है। और आगे  की पढाई 'जादवपुर यूनिवर्सिटी' (कोलकाता) से की। 

पायल सरकार की उम्र | Payel Sarkar's Age 


पायल  सरकार की उम्र 37 वर्ष (2021 के अनुसार) है। 

  • Age- 37 years (According to 2021)

पायल सरकार के पति | Payel Sarkar's Husband 


पायल सरकार विवाहित (Married) है। परन्तु उनके पति का नाम इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं है। 

  • पति का नाम (Husband's name)- ज्ञात नहीं

पायल सरकार का करियर | Career 


पायल सरकार ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत वर्ष 2004 रिलीज़ हुए बंगाली फिल्म 'सुधू तुमि' से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मो में काम किया और कर रही है जिसके लिस्ट निचे है-
  • बीबर (2006)
  • आई लव यू (2007)
  • ले छक्का (2011)
  • बावली अनलिमिटेड (2012)
  • बंगाली बहु इंग्लिश मेम (2014)
  • जमाई 420 (2015)
  • चॉकलेट (2016)
  • जिओ पगला (2017)
  • मुखोश (2020)
  • मैजिक (2021
  • अनुसन्धान (2021)

पायल सरकार ने ऊपर दिए गए फिल्मो के अलावा और भी बहुत सारे फिल्मो में काम किया है। पायल ने कुछ वेब सीरीज में भी अभिनय किया है -

  • शोब्दो-जोबड़ो (2020)
  • मिस्मत सीजन 3 (2020)

पायल सरकार राजनितिक में | Politics 


2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले पायल सरकार भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गई। और वह पश्चिम बंगाल के 'बेहला पूर्व' विधानसभा क्षेत्र  से चुनाव लड़ रही है। 

पायल सरकार को मिले अवार्ड्स | Awards 

  • 2010 में आई फिल्म 'ले छक्का' फिल्म की बेस्ट एक्ट्रेस के लिए 'आनंदलोक अवार्ड'
  • 2016 में आई फिल्म 'जोमेर राजा दिले बोर' फिल्म की बेस्ट एक्ट्रेस के लिए 'कलाकार अवार्ड'

पायल सरकार की सोशल प्रोफाइल्स


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